एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में एक प्यारा सा परिवार रहता था।
इस परिवार में सैम नाम का एक लड़का था, जो अपने माता-पिता की आँखों का तारा था।
सैम के पिता उसे हमेशा बाइबल पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते थे और प्यार से समझाते थे,
“बेटा, बाइबल पढ़ो ताकि तुम जान सको कि प्रभु यीशु मसीह कौन हैं और उन्होंने हमारे लिए क्या किया है।”
लेकिन सैम को बाइबल में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उसका ध्यान हमेशा अपने मोबाइल फ़ोन और दोस्तों में ही लगा रहता था।
जैसे-जैसे समय बीतता गया, सैम बड़ा होता गया, लेकिन बाइबल पड़ने की बजाय वह बुरी संगति और पाप के रास्ते पर चल पड़ा।
धीरे-धीरे उसे नशे की लत लग गई और वह नशे का आदि हो गया , उसकी ज़िंदगी अंधकार में डूबने लगी।
एक दिन, सैम के पास ड्रग्स खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। वह डीलर के पास गया और गिड़गिड़ाया,
लेकिन डीलर ने पैसे की माँग की। जब सैम पैसे नहीं दे पाया, तो डीलर ने मना कर दिया।
और गुस्से में, सैम ने अपना आपा खो दिया और डीलर की हत्या कर दी। सैम डरकर वहा से भाग गया।
पुलिस को जल्द ही घटना के बारे में पता चल गया, लेकिन सैम पहले ही वहा से भाग चुका था।
वह घर वापस भागा, जहाँ उसके पिता बाइबल पढ़ रहे थे।
जब सैम ने दरवाज़ा खटखटाया, तो उसके पिता ने दरवाज़ा खोला और देखा कि वह काँप रहा है,
उसके कपड़ों पर खून के धब्बे थे। उसके पिता ने धीरे से पूछा, “बेटा, क्या हुआ?”
रोते हुए सैम ने सब कुछ कबूल कर लिया।
तभी पुलिस की गाड़ियाँ उनके घर के बाहर आ पहुँचीं।
सैम घबरा गया, लेकिन उसके पिता ने जल्दी
खून से सने कपड़े सैम से ले लिए और खुद पहन लिए। वह पुलिस के सामने घर से बाहर निकल आए ।
पुलिस ने पूछा, “यह अपराध किसने किया?”
सैम के पिता ने जवाब दिया, “मैंने किया।” उन्होंने पूछा, “क्यों?”
सैम के पिता ने जवाब दिया, “मुझे उससे पैसे लेने थे, लेकिन जब उसने देने से मना कर दिया, तो मैंने उसे मार डाला।”
तभी पुलिस ने बोला की, “तुम्हें सज़ा मिलनी ही होगी।”
बिना किसी हिचकिचाहट के, उन्होंने सैम के पिता को गोली मार दी, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस कहानी में, गलती सैम की थी, लेकिन उसके पिता ने सज़ा अपने ऊपर ले ली।
इसी तरह, हालाँकि हमारे पाप हमारे थे, प्रभु यीशु मसीह ने हमारे पापों का बोझ अपने ऊपर ले लिया। और हमें आज़ादी दी। उसने हमें नया जीवन दिया, जो हम आज जी रहे हैं।
प्रियो बाइबल हमें बताती है कि यीशु केवल ईसाइयों के भगवान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के परमेश्वर हैं।
उन्होंने हर इंसान के लिए, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या राष्ट्र का हो सब के लिए जान दी है, वह आपके ओर मेरे लिए सूली पर चढ़ाये गये।
उनका प्रेम सभी के लिए है।
सच्चा प्यार वही होता है, जब कोई दूसरे की गलती को अपने ऊपर लेकर उसे बचाता है।
प्रभु यीशु मसीह ने भी यही किया—उन्होंने हमारे पापों की सज़ा भुगती
और हमें नया जीवन और आशा दी।
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